जिले के बारे में
दिल्ली को तेरह राजस्व जिलों में बांटा गया है। प्रत्येक जिले का प्रमुख एक जिला मजिस्ट्रेट होता है, जिसके अधीन एक अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट, तहसीलदार और उप-पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) होते हैं। जिला प्रशासन कई तरह के काम करता है, जिनमें मजिस्ट्रेट से जुड़े मामले, राजस्व अदालतें, विभिन्न कानूनी दस्तावेज जारी करना, संपत्ति का पंजीकरण, चुनाव कराना, राहत और पुनर्वास, भूमि अधिग्रहण और ऐसे कई अन्य कार्य शामिल हैं जिन्हें गिनाना मुश्किल है। दिल्ली में जिला प्रशासन सभी प्रकार की सरकारी नीतियों को लागू करने वाला मुख्य विभाग है और सरकार के अन्य कई अधिकारियों/विभागों पर निगरानी रखने का काम भी करता है। राजस्व पदानुक्रम (hierarchy) में सबसे ऊपर संभागीय आयुक्त (डिविजनल कमिश्नर) होते हैं, जो दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट और पंजीकरण महानिरीक्षक (इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन) भी होते हैं। विभिन्न राजस्व कानूनों के तहत उन्हें सचिव (राजस्व) और कलेक्टर के रूप में भी नामित किया गया है।
उप-विभाग
इस जिले में मुख्य रूप से घनी आबादी वाले आवासीय और व्यावसायिक इलाके आते हैं। इसमें दो प्रमुख उप-विभाग शामिल हैं:
करोल बाग
पटेल नगर