आईआरएड के बारे में
‘इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस’ (आईआरएड) प्रोजेक्ट, भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की एक पहल है। इसे विश्व बैंक से फंड मिलता है और इसका मकसद देश में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद ‘इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस’ (आईआरएड) बनाना है, ताकि देश के हर हिस्से से दुर्घटनाओं का डेटा इकट्ठा करके उसे बेहतर बनाया जा सके। यह प्रोजेक्ट डेटा एनालिटिक्स तकनीक का इस्तेमाल करके देश भर से इकट्ठा किए गए सड़क दुर्घटना डेटा का विश्लेषण करेगा और कई तरह की अहम जानकारियां (इनसाइट्स) देगा। प्रस्तावित सिस्टम विश्लेषण के नतीजों को ‘मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग डैशबोर्ड’ और ‘एनालिटिक्स डैशबोर्ड’ के ज़रिए दिखाएगा, ताकि उन्हें आसानी से समझा जा सके। इसके आधार पर, शीर्ष अधिकारी नई नीतियां और रणनीतियां बनाने के लिए भविष्य का अनुमान लगा सकेंगे और फैसले ले सकेंगे। इस प्रोजेक्ट का नतीजा भारत में बेहतर सड़क सुरक्षा, यानी ‘सभी के लिए सुरक्षित सड़क’ होगा।