शिक्षा

शिक्षा आर्थिक विकास, सामाजिक बदलाव, आधुनिकीकरण और राष्ट्रीय एकता की कुंजी है। 1986 में बनी और 1992 में संशोधित ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ का मकसद सभी छात्रों को – चाहे उनकी जाति, धर्म, निवास या लिंग कुछ भी हो – एक निश्चित स्तर तक एक जैसी गुणवत्ता वाली शिक्षा देना है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय भावना, समान नागरिकता और मिली-जुली संस्कृति को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है। यह शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता को सभी स्तरों पर बेहतर बनाने के लिए उसमें बड़े बदलाव की ज़रूरत पर ज़ोर देती है और विज्ञान व तकनीक पर बहुत ज़्यादा ध्यान देती है। सभी बच्चों को 14 साल की उम्र तक मुफ़्त और अनिवार्य शिक्षा देने का प्रस्ताव है। शिक्षा निदेशालय इस नीति को लागू करने के लिए पूरी ईमानदारी से कोशिश करता है।